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mahabharat 9.52.29: प्रभु ! जब उस यदुसिंह ने कुरुक्षेत्र के फल के विषय में पूछा, तब वहाँ रहने वाले महात्माओं ने उसे सब कुछ ठीक-ठीक बता दिया ॥29॥   |   mahabharat अध्याय 9.52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान‍्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  9.52.29 
ते पृष्टा यदुसिंहेन कुरुक्षेत्रफलं विभो।
समाचख्युर्महात्मानस्तस्मै सर्वं यथातथम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
प्रभु ! जब उस यदुसिंह ने कुरुक्षेत्र के फल के विषय में पूछा, तब वहाँ रहने वाले महात्माओं ने उसे सब कुछ ठीक-ठीक बता दिया ॥29॥
 
Lord! When that Yadu Singh asked about the fruits of Kurukshetra, the Mahatmas living there told him everything correctly. 29॥
 
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि गदापर्वणि बलदेवतीर्थयात्रायां सारस्वतोपाख्याने द्विपञ्चाशत्तमोऽध्याय:॥ ५२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वके अन्तर्गत गदापर्वमें बलदेवजीकी तीर्थयात्राके प्रसंगमें सारस्वतोपाख्यानविषयक बावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५२॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)