Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.52.2: ब्रह्मन्! मैंने आपके मुख से इस उत्तम एवं अत्यन्त कठिन तप को सुना है। आप सम्पूर्ण वृत्तान्त यथार्थ रूप से बताइए कि उस कन्या ने किस कारण से तप किया? | mahabharat अध्याय 9.52: वृद्ध कन्याका चरित्र, शृंगवान्के साथ उसका विवाह और स्वर्गगमन तथा उस तीर्थका माहात्म्य । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मन्! मैंने आपके मुख से इस उत्तम एवं अत्यन्त कठिन तप को सुना है। आप सम्पूर्ण वृत्तान्त यथार्थ रूप से बताइए कि उस कन्या ने किस कारण से तप किया?
Brahman! I have heard from your mouth this most excellent and extremely difficult penance. You tell the whole story accurately; Why did that girl indulge in penance? 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥