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श्लोक  9.51.4 
जनमेजय उवाच
कथं द्वादशवार्षिक्यामनावृष्ट्यां द्विजोत्तमान्।
ऋषीनध्यापयामास पुरा सारस्वतो मुनि:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
जनमेजय ने पूछा: 'ऋषिवर! प्राचीन काल में बारह वर्षों के अकाल के समय सारस्वत ऋषि ने श्रेष्ठ ब्राह्मणों को वेदों की शिक्षा कैसे दी?'
 
Janamejaya asked: 'Sage! In ancient times how did sage Saraswat teach the best brahmins the Vedas during a period of twelve years of drought?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)