Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.51.37-38h: हे मनुष्यों के स्वामी! उन बारह वर्षों के अकाल के समय में, भूख से पीड़ित होकर, सभी ऋषिगण अपनी जीविका की तलाश में सभी दिशाओं में भागने लगे। | mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मनुष्यों के स्वामी! उन बारह वर्षों के अकाल के समय में, भूख से पीड़ित होकर, सभी ऋषिगण अपनी जीविका की तलाश में सभी दिशाओं में भागने लगे।
O Lord of men! During those twelve years of drought, all the sages, afflicted with hunger, started running in all directions in search of their livelihood. 37 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥