Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.51.25-26h: इस समय जब देवताओं और दानवों में संघर्ष चल रहा था, तब इंद्र अस्त्र-शस्त्र की खोज में तीनों लोकों में भटकने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 51: सारस्वततीर्थकी महिमाके प्रसंगमें दधीच ऋषि और सारस्वत मुनिके चरित्रका वर्णन  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  9.51.25-26h 
एतस्मिन्नेव काले तु विरोधे देवदानवै:॥ २५॥
शक्र: प्रहरणान्वेषी लोकांस्त्रीन् विचचार ह।
 
 
अनुवाद
इस समय जब देवताओं और दानवों में संघर्ष चल रहा था, तब इंद्र अस्त्र-शस्त्र की खोज में तीनों लोकों में भटकने लगे।
 
At this time, when there was conflict between gods and demons, Indra started wandering in the three worlds in search of weapons. 25 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)