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इति निश्चित्य मनसा देवलो राजसत्तम॥ ६२॥
त्यक्त्वा गार्हस्थ्यधर्मं स मोक्षधर्ममरोचयत्।
अनुवाद
हे राजन! इस बात को मन में विचारकर देवल ने गृहस्थ धर्म त्यागकर मोक्ष धर्म को अपना लिया।
O best king! Having thought over this matter in his mind, Deval gave up the duty of being a householder and chose the duty of salvation for himself. 62 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥