Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.50.6-7h: महाराज! अत्यन्त तेजस्वी एवं महान तपस्वी जैगीषव्य ने सदैव योग में तत्पर रहकर सिद्धि प्राप्त की थी और देवल के आश्रम में रहते थे।   |   mahabharat अध्याय 9.50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  9.50.6-7h 
देवलस्याश्रमे राजन्न्यवसत् स महाद्युति:॥ ६॥
योगनित्यो महाराज सिद्धिं प्राप्तो महातपा:।
 
 
अनुवाद
महाराज! अत्यन्त तेजस्वी एवं महान तपस्वी जैगीषव्य ने सदैव योग में तत्पर रहकर सिद्धि प्राप्त की थी और देवल के आश्रम में रहते थे।
 
King! Maharaj! The very brilliant and great ascetic Jaigishavya had attained siddhi by being always devoted to yoga and lived in the ashram of Deval. 6 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)