Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.50.40-41h: इसके बाद, असित देवल ने जैगीषव्य को रुद्र, वसु और बृहस्पति के निवास से ऊपर उठते देखा।   |   mahabharat अध्याय 9.50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  9.50.40-41h 
रुद्राणां च वसूनां च स्थानं यच्च बृहस्पते:॥ ४०॥
तानि सर्वाण्यतीतानि समपश्यत् ततोऽसित:।
 
 
अनुवाद
इसके बाद, असित देवल ने जैगीषव्य को रुद्र, वसु और बृहस्पति के निवास से ऊपर उठते देखा।
 
Thereafter, Asit Deval saw Jaigishavya rising above the abodes of Rudra, Vasu and Brihaspati.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)