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mahabharat 9.50.12-13h: हे मनुष्यों के स्वामी! एक दिन महाबली जैगीषव्य ऋषि को देखकर महात्मा देवल बहुत चिंतित हो गये।   |   mahabharat अध्याय 9.50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 50: आदित्यतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें असित देवल तथा जैगीषव्य मुनिका चरित्र  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  9.50.12-13h 
कदाचित् तस्य नृपते देवलस्य महात्मन:॥ १२॥
चिन्ता सुमहती जाता मुनिं दृष्ट्वा महाद्युतिम्।
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! एक दिन महाबली जैगीषव्य ऋषि को देखकर महात्मा देवल बहुत चिंतित हो गये।
 
Lord of men! One day upon seeing the mighty sage Jaigishavya, Mahatma Deval became quite worried.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)