Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.5.49: अपनी हार का दुःख छोड़कर सभी ने मन ही मन वीरतापूर्ण कार्य करने का संकल्प लिया। सभी ने युद्ध लड़ने का निश्चय किया और सभी के हृदय उत्साह से भर गए। | mahabharat अध्याय 9.5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपनी हार का दुःख छोड़कर सभी ने मन ही मन वीरतापूर्ण कार्य करने का संकल्प लिया। सभी ने युद्ध लड़ने का निश्चय किया और सभी के हृदय उत्साह से भर गए।
Leaving aside the grief of their defeat, everyone resolved in their minds to perform heroic deeds. Everyone decided to fight the war and everyone's heart was filled with enthusiasm.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥