श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  9.5.48 
एवं दुर्योधनेनोक्तं सर्वे सम्पूज्य तद्वच:।
साधु साध्विति राजानं क्षत्रिया: सम्बभाषिरे॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
राजा दुर्योधन के ये वचन सुनकर समस्त क्षत्रियों ने 'बहुत अच्छा, बहुत अच्छा' कहकर उनका आदर किया और उन्हें धन्यवाद भी दिया।
 
Having heard these words of King Duryodhana, all the Kshatriyas honoured him by saying, 'Very good, very good' and also thanked him.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd