Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.5.23-24h: समस्त राजाओं पर सूर्य के समान प्रकाशमान होकर अब मैं दास की भाँति युधिष्ठिर का अनुसरण कैसे कर सकता हूँ?   |   mahabharat अध्याय 9.5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  9.5.23-24h 
उपर्युपरि राज्ञां वै ज्वलित्वा भास्करो यथा॥ २३॥
युधिष्ठिरं कथं पश्चादनुयास्यामि दासवत्।
 
 
अनुवाद
समस्त राजाओं पर सूर्य के समान प्रकाशमान होकर अब मैं दास की भाँति युधिष्ठिर का अनुसरण कैसे कर सकता हूँ?
 
Having shone like the Sun above all kings, how can I now follow Yudhishthira like a slave?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)