Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.5.2: शत्रुओं को पीड़ा देने वाले आपके उस महाबुद्धिमान पुत्र ने दो घण्टे विचार करके शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य को इस प्रकार उत्तर दिया - 2॥ | mahabharat अध्याय 9.5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रुओं को पीड़ा देने वाले आपके उस महाबुद्धिमान पुत्र ने दो घण्टे विचार करके शरद्वान के पुत्र कृपाचार्य को इस प्रकार उत्तर दिया - 2॥
After deliberating for two hours, that great-minded son of yours, who tormented the enemies, replied to Kripacharya, son of Sharadvan, in this way - 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥