श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 5: दुर्योधनका कृपाचार्यको उत्तर देते हुए सन्धि स्वीकार न करके युद्धका ही निश्चय करना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  9.5.15 
उभौ तौ बद्धनिस्त्रिंशावुभौ चाबद्धकङ्कटौ।
कृतवैरावुभौ वीरौ यमावपि यमोपमौ॥ १५॥
 
 
अनुवाद
नकुल और सहदेव दोनों भाई तलवार और कवच धारण किए हुए यमराज के समान भयंकर दिखाई देते हैं। ये दोनों वीर मेरे शत्रु हैं॥15॥
 
‘The two brothers Nakula and Sahadeva look as fearsome as Yamaraja, armed with swords and wearing armour. Both these brave men are enemies of me.॥ 15॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas