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mahabharat 9.48.46: ऐसा कहकर भगवान शंकर अपने स्वरूप में प्रकट हुए और उन सप्तर्षियों से अरुन्धती का महान चरित्र वर्णन किया॥46॥   |   mahabharat अध्याय 9.48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.48.46 
तत: संदर्शयामास स्वरूपं भगवान् हर:।
ततोऽब्रवीत् तदा तेभ्यस्तस्याश्च चरितं महत्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर भगवान शंकर अपने स्वरूप में प्रकट हुए और उन सप्तर्षियों से अरुन्धती का महान चरित्र वर्णन किया॥46॥
 
Saying this, Lord Shankar appeared in his form and described the great character of Arundhati to those seven sages. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)