Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.48.21: हे महात्मन! उसने उन फलों को पकाने में बहुत समय लगाया, परन्तु वे पक न सके। इतने में ही दिन समाप्त हो गया ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 9.48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 48: बदरपाचनतीर्थकी महिमाके प्रसंगमें श्रुतावती और अरुन्धतीके तपकी कथा  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  9.48.21 
तस्या: पचन्त्या: सुमहान् कालोऽगात् पुरुषर्षभ।
न च स्म तान्यपच्यन्त दिनं च क्षयमभ्यगात्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! उसने उन फलों को पकाने में बहुत समय लगाया, परन्तु वे पक न सके। इतने में ही दिन समाप्त हो गया ॥21॥
 
O great man! He spent a lot of time trying to ripen those fruits, but they could not ripen. The day ended in the meantime. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)