Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.47.14-16h: पापरहित राजन! जब अग्निदेव शमी के गर्भ में छिपे होने के कारण कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे थे और सम्पूर्ण जगत की प्रकाश या दर्शन शक्ति के नष्ट होने का क्षण आ पहुँचा, तब सभी देवता ब्रह्माजी की सेवा में उपस्थित होकर बोले - 'भगवन! भगवान अग्निदेव अदृश्य हो गए हैं। हमें समझ में नहीं आ रहा कि इसका क्या कारण है। समस्त भूतों का नाश न हो, इसके लिए आप अग्निदेव को प्रकट करें।' 14-15 1/2 | mahabharat अध्याय 9.47: वरुणका अभिषेक तथा अग्नितीर्थ, ब्रह्मयोनि और कुबेरतीर्थकी उत्पत्तिका प्रसंग । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नष्टो न दृश्यते यत्र शमीगर्भे हुताशन:।
लोकालोकविनाशे च प्रादुर्भूते तदानघ॥ १४॥
उपतस्थु: सुरा यत्र सर्वलोकपितामहम्।
अग्नि: प्रणष्टो भगवान् कारणं च न विद्महे॥ १५॥
सर्वभूतक्षयो मा भूत् सम्पादय विभोऽनलम्।
अनुवाद
पापरहित राजन! जब अग्निदेव शमी के गर्भ में छिपे होने के कारण कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे थे और सम्पूर्ण जगत की प्रकाश या दर्शन शक्ति के नष्ट होने का क्षण आ पहुँचा, तब सभी देवता ब्रह्माजी की सेवा में उपस्थित होकर बोले - 'भगवन! भगवान अग्निदेव अदृश्य हो गए हैं। हमें समझ में नहीं आ रहा कि इसका क्या कारण है। समस्त भूतों का नाश न हो, इसके लिए आप अग्निदेव को प्रकट करें।' 14-15 1/2
Sinless king! When Agnidev could not be seen anywhere due to him hiding in Shami's womb and the moment of destruction of the light or power of vision of the entire world had arrived, then all the gods appeared in the service of Lord Brahma and said - 'Lord! Lord Agnidev has become invisible. We do not understand what is the reason for this. To ensure that all the ghosts are not destroyed, reveal Agnidev. 14-15 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥