Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.46.97: दिव्य पुष्पों की सुगंध लेकर पवित्र वायु बहने लगी। गंधर्व और यज्ञपरायण महर्षि उनकी स्तुति करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  9.46.97 
दिव्यगन्धमुपादाय ववौ पुण्यश्च मारुत:।
गन्धर्वास्तुष्टुवुश्चैनं यज्वानश्च महर्षय:॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
दिव्य पुष्पों की सुगंध लेकर पवित्र वायु बहने लगी। गंधर्व और यज्ञपरायण महर्षि उनकी स्तुति करने लगे।
 
The holy wind started blowing carrying the fragrance of divine flowers. Gandharva and Yagyaparayan Maharshi started praising him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)