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mahabharat 9.46.90-91h: कुमार के दरबारियों ने युद्ध में आक्रमण करके उन सभी राक्षसों को मार डाला। साथ ही, भगवान कार्तिकेय ने भी कुपित होकर दैत्यराज के उस पुत्र को उसके छोटे भाई सहित शीघ्रता से मार डाला, जो वृत्रासुर का वध करने वाले देवराज इंद्र के समान था।   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 90-91h
 
 
श्लोक  9.46.90-91h 
तान् निजघ्नुरतिक्रम्य कुमारानुचरा मृधे।
स चैव भगवान् क्रुद्धो दैत्येन्द्रस्य सुतं तदा॥ ९०॥
सहानुजं जघानाशु वृत्रं देवपतिर्यथा।
 
 
अनुवाद
कुमार के दरबारियों ने युद्ध में आक्रमण करके उन सभी राक्षसों को मार डाला। साथ ही, भगवान कार्तिकेय ने भी कुपित होकर दैत्यराज के उस पुत्र को उसके छोटे भाई सहित शीघ्रता से मार डाला, जो वृत्रासुर का वध करने वाले देवराज इंद्र के समान था।
 
Kumar's courtiers attacked in the battle and killed all those demons. Also, Lord Kartikeya, being enraged, quickly killed that son of the demon king along with his younger brother, who was like Devraj Indra who killed Vritrasura.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)