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तत: क्रौञ्चं महामन्यु: क्रौञ्चनादनिनादितम्।
शक्त्या बिभेद भगवान् कार्तिकेयोऽग्निदत्तया॥ ८४॥
अनुवाद
इससे भगवान कार्तिकेय अत्यन्त क्रोधित हो गये। उन्होंने अग्निदेव की शक्ति से क्रौंच पर्वत को फाड़ डाला, जो सारस पक्षियों के शोर से गूंज रहा था।
This made Lord Kartikeya very angry. With the power given by Agni, he tore apart the Krauncha mountain which was resounding with the noise of the crane birds. 84.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥