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श्लोक 9.46.81  |
एवं सुरद्विषोऽनेकान् बलवानाततायिन:।
जघान समरे वीर: कार्तिकेयो महाबल:॥ ८१॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार महाबली एवं पराक्रमी योद्धा कार्तिकेय ने युद्ध क्षेत्र में अनेक अत्याचारी गद्दारों का वध कर दिया। |
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| In this way the mighty and powerful warrior Kartikeya killed many tyrannical traitors in the battle field. |
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