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mahabharat 9.46.80: उसके घंटे की ध्वनि से भयभीत होकर कुछ राक्षस भूमि पर बैठ गए और कुछ उसके शस्त्रों से टुकड़े-टुकड़े होकर मरकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥80॥   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 80
 
 
श्लोक  9.46.80 
केचिद् घण्टारवत्रस्ता निषेदुर्वसुधातले।
केचित् प्रहरणैश्छिन्ना विनिष्पेतुर्गतायुष:॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
उसके घंटे की ध्वनि से भयभीत होकर कुछ राक्षस भूमि पर बैठ गए और कुछ उसके शस्त्रों से टुकड़े-टुकड़े होकर मरकर पृथ्वी पर गिर पड़े ॥80॥
 
Some demons, frightened by the sound of his bell, sat down on the ground, and some, being torn to pieces by his weapons, died and fell on the earth. ॥ 80॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)