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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 79
 
 
श्लोक  9.46.79 
दग्धा: सहस्रशो दैत्या नादै: स्कन्दस्य चापरे।
पताकयावधूताश्च हता: केचित् सुरद्विष:॥ ७९॥
 
 
अनुवाद
उस शक्ति की अग्नि में हजारों दैत्य जलकर भस्म हो गए। स्कंद की गर्जना से भयभीत होकर अनेकों ने अपने प्राण त्याग दिए और देवताओं के कुछ शत्रु उसकी ध्वजा से काँपकर मर गए।
 
Thousands of demons were burnt to ashes in the fire of that power. Many lost their lives out of fear of Skanda's roars and some enemies of the gods died trembling from his flag.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)