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mahabharat 9.46.74-76h: इसके अलावा, युद्ध के मैदान में, उन्होंने महिषासुर को मार डाला, जो आठ पद्म राक्षसों से घिरा हुआ था, त्रिपादक जो दस लाख असुरों द्वारा संरक्षित था, और हृदोदर जो दस निखरवा राक्षस योद्धाओं से घिरा हुआ था, उसके साथ-साथ विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस उसके सेवकों को भी मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 74-76h
 
 
श्लोक  9.46.74-76h 
महिषं चाष्टभि: पद्मैर्वृतं संख्ये निजघ्निवान्॥ ७४॥
त्रिपादं चायुतशतैर्जघान दशभिर्वृतम्।
ह्रदोदरं निखर्वैश्च वृतं दशभिरीश्वर:॥ ७५॥
जघानानुचरै: सार्धं विविधायुधपाणिभि:।
 
 
अनुवाद
इसके अलावा, युद्ध के मैदान में, उन्होंने महिषासुर को मार डाला, जो आठ पद्म राक्षसों से घिरा हुआ था, त्रिपादक जो दस लाख असुरों द्वारा संरक्षित था, और हृदोदर जो दस निखरवा राक्षस योद्धाओं से घिरा हुआ था, उसके साथ-साथ विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस उसके सेवकों को भी मार डाला।
 
Also, on the battlefield, he killed Mahishasura who was surrounded by eight Padma demons, Tripadaka who was protected by ten lakh Asuras, and Hridodar who was surrounded by ten Nikharva demon warriors along with his attendants armed with various kinds of weapons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)