Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.46.73-74h: इससे महाबली भगवान महासेन अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन्होंने एक लाख बलवान एवं वीर दैत्यों से घिरे हुए महान् बल और पराक्रम से युक्त दैत्यराज तारक का वध कर दिया ॥73 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: प्रीतो महासेनो जघान भगवान् प्रभु:।
दैत्येन्द्रं तारकं नाम महाबलपराक्रमम्॥ ७३॥
वृतं दैत्यायुतैर्वीरैर्बलिभिर्दशभिर्नृप।
अनुवाद
इससे महाबली भगवान महासेन अत्यन्त प्रसन्न हुए और उन्होंने एक लाख बलवान एवं वीर दैत्यों से घिरे हुए महान् बल और पराक्रम से युक्त दैत्यराज तारक का वध कर दिया ॥73 1/2॥
Due to this, the powerful Lord Mahasen was very pleased and he killed the demon king Taraka, who was full of great strength and bravery, who was surrounded by one lakh strong and brave demons. 73 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥