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mahabharat 9.46.63: तत्पश्चात् स्वामी महासेन विशाल सेना से घिरे हुए दैत्यों का संहार करने तथा देवताओं की रक्षा करने के लिए युद्ध में आगे बढ़े ॥63॥   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  9.46.63 
स निर्ययौ महासेनो महत्या सेनया वृत:।
वधाय युधि दैत्यानां रक्षार्थं च दिवौकसाम्॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् स्वामी महासेन विशाल सेना से घिरे हुए दैत्यों का संहार करने तथा देवताओं की रक्षा करने के लिए युद्ध में आगे बढ़े ॥63॥
 
Thereafter, Swami Mahasen, surrounded by a huge army, proceeded in the war to kill the demons and protect the gods. 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)