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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  9.46.60 
तत: प्रीतो महासेनस्त्रिदशेभ्यो वरं ददौ।
रिपून् हन्तास्मि समरे ये वो वधचिकीर्षव:॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
इससे प्रसन्न होकर कुमार महासेन ने देवताओं को यह वरदान दिया: 'मैं युद्धभूमि में तुम्हारे उन सभी शत्रुओं का नाश कर दूंगा जो तुम सबका वध करना चाहते हैं।'
 
Pleased with this, Kumar Mahasena granted the gods this boon: 'I will destroy in the battle-field all those enemies of yours who wish to kill you all.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)