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mahabharat 9.46.52-53h: राजा वरुण ने बल और वीर्य से परिपूर्ण सर्प भेंट किया और जगत् के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने ब्राह्मण-मित्र कुमार को काले मृग की खाल तथा युद्ध में विजय का आशीर्वाद दिया ॥52 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  9.46.52-53h 
नागं तु वरुणो राजा बलवीर्यसमन्वितम्।
कृष्णाजिनं ततो ब्रह्मा ब्रह्मण्याय ददौ प्रभु:॥ ५२॥
समरेषु जयं चैव प्रददौ लोकभावन:।
 
 
अनुवाद
राजा वरुण ने बल और वीर्य से परिपूर्ण सर्प भेंट किया और जगत् के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने ब्राह्मण-मित्र कुमार को काले मृग की खाल तथा युद्ध में विजय का आशीर्वाद दिया ॥52 1/2॥
 
King Varuna presented a snake full of strength and semen and Lord Brahma, the creator of the world, blessed Brahmin-friendly Kumar with a black deer skin and victory in battle. 52 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)