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mahabharat 9.46.42: गुफाएँ, श्मशान, पर्वत और झरने भी उनके निवास स्थान हैं। वे विभिन्न प्रकार के आभूषण, मालाएँ और वस्त्र धारण करती हैं। 42.   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.46.42 
गुहाश्मशानवासिन्य: शैलप्रस्रवणालया:।
नानाभरणधारिण्यो नानामाल्याम्बरास्तथा॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
गुफाएँ, श्मशान, पर्वत और झरने भी उनके निवास स्थान हैं। वे विभिन्न प्रकार के आभूषण, मालाएँ और वस्त्र धारण करती हैं। 42.
 
Caves, cremation grounds, mountains and waterfalls are also her abodes. She wears various types of ornaments, garlands and clothes. 42.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)