Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.46.108-d1h: राजन! आप मुझसे जो कुछ पूछ रहे थे, वह सब मैंने आपको बता दिया है। मैंने आपको बताया है कि किस प्रकार एकत्रित देवताओं ने भगवान स्कंद का अभिषेक किया और किस प्रकार महाबली कुमार को अल्पायु में ही सेनापति बनाया गया। | mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एतत् ते सर्वमाख्यातं यन्मां त्वं परिपृच्छसि।
यथाभिषिक्तो भगवान् स्कन्दो देवै: समागतै:॥ १०८॥
(सेनानीश्च कृतो राजन् बाल एव महाबल:।)
अनुवाद
राजन! आप मुझसे जो कुछ पूछ रहे थे, वह सब मैंने आपको बता दिया है। मैंने आपको बताया है कि किस प्रकार एकत्रित देवताओं ने भगवान स्कंद का अभिषेक किया और किस प्रकार महाबली कुमार को अल्पायु में ही सेनापति बनाया गया।
King! I have told you all the incidents that you were asking me. I have told you how Lord Skanda was anointed by the assembled deities and how Mahabali Kumar was made the commander in chief at a very young age.
इति श्रीमहाभारते शल्यपर्वणि गदापर्वणि बलदेवतीर्थयात्रायां सारस्वतोपाख्याने तारकवधे षट्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शल्यपर्वके अन्तर्गत गदापर्वमें बलदेवजीकी तीर्थयात्रा एवं सारस्वतोपाख्यानके
प्रसंगमें तारकासुरका वधविषयक छियालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४६॥ (दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल १०८ १/२ श्लोक हैं।)
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥