Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.46.102: महाराज! कुमार कार्तिकेय द्वारा देवताओं के शत्रुओं के मारे जाने पर वह महान तीर्थ दूसरे स्वर्ग के समान सुखमय हो गया ॥102॥   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार  »  श्लोक 102
 
 
श्लोक  9.46.102 
बभूव तीर्थप्रवरं हतेषु सुरशत्रुषु।
कुमारेण महाराज त्रिविष्टपमिवापरम्॥ १०२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कुमार कार्तिकेय द्वारा देवताओं के शत्रुओं के मारे जाने पर वह महान तीर्थ दूसरे स्वर्ग के समान सुखमय हो गया ॥102॥
 
Maharaj! After the enemies of the gods were killed by Kumar Kartikeya, that great pilgrimage became as pleasant as another heaven. ॥102॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)