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mahabharat 9.46.101: राजन! मैंने आपसे कार्तिकेय के अभिषेक की कथा कही है। अब सरस्वती के उस महान तीर्थ की पवित्रता का वर्णन सुनिए। ॥101॥   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.46.101 
एतत् ते कथितं राजन् कार्तिकेयाभिषेचनम्।
शृणु चैव सरस्वत्यास्तीर्थवर्यस्य पुण्यताम्॥ १०१॥
 
 
अनुवाद
राजन! मैंने आपसे कार्तिकेय के अभिषेक की कथा कही है। अब सरस्वती के उस महान तीर्थ की पवित्रता का वर्णन सुनिए। ॥101॥
 
King! I have told you the story of Kartikeya's anointment. Now listen to the description of the sanctity of that great pilgrimage of Saraswati. ॥101॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)