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mahabharat 9.46.1: वैशम्पायन कहते हैं: हे वीर राजन! अब मैं आपको उन मातृकाओं के नाम बता रहा हूँ जो शत्रुओं का संहार करने वाली तथा कुमार कार्तिकेय की अनुचर हैं।   |   mahabharat अध्याय 9.46: मातृकाओंका परिचय तथा स्कन्ददेवकी रणयात्रा और उनके द्वारा तारकासुर, महिषासुर आदि दैत्योंका सेनासहित संहार   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.46.1 
वैशम्पायन उवाच
शृणु मातृगणान् राजन् कुमारानुचरानिमान्।
कीर्त्यमानान् मया वीर सपत्नगणसूदनान्॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं: हे वीर राजन! अब मैं आपको उन मातृकाओं के नाम बता रहा हूँ जो शत्रुओं का संहार करने वाली तथा कुमार कार्तिकेय की अनुचर हैं।
 
Vaishmpayana says: O brave king! Now I am telling you the names of those Matrikas who are the slayer of enemies and the attendants of Kumar Kartikeya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)