Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.45.9-17: प्रजानाथ! ब्रह्माजी, पुलस्त्य, महान तपस्वी पुलह, अंगिरा, कश्यप, अत्रि, मरीचि, भृगु, क्रतु, हर, वरुण, मनु, दक्ष, ऋतु, ग्रह, नक्षत्र, आराध्य नदियाँ, आराध्य सनातन वेद, समुद्र, झीलें, विभिन्न प्रकार के तीर्थ, पृथ्वी, स्वर्ग, दिशाएँ, वृक्ष, देवी अदिति, हरि, श्री, स्वाहा, सरस्वती, उमा, शची, सिनीवाली, ईशमा, कुहू, राका, दिशाना, अन्य पत्नियाँ। देवता, हिमवान, विन्ध्य, अनेक शिखरों से सुशोभित मेरुगिरि, अपने अनुचरों सहित ऐरावत, काल, काष्ठ, मास, पक्ष, ऋतु, रात, दिन, उच्चैःश्रवा, घोड़ों में श्रेष्ठ, राजा वासुकी, अरुण, गरुड़, औषधियों से युक्त वृक्ष, भगवान धर्मदेव, काल, यम, मृत्यु और यम के अनुयायी- ये सभी एक साथ वहाँ पहुँचे थे। 9-17. | mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! ब्रह्माजी, पुलस्त्य, महान तपस्वी पुलह, अंगिरा, कश्यप, अत्रि, मरीचि, भृगु, क्रतु, हर, वरुण, मनु, दक्ष, ऋतु, ग्रह, नक्षत्र, आराध्य नदियाँ, आराध्य सनातन वेद, समुद्र, झीलें, विभिन्न प्रकार के तीर्थ, पृथ्वी, स्वर्ग, दिशाएँ, वृक्ष, देवी अदिति, हरि, श्री, स्वाहा, सरस्वती, उमा, शची, सिनीवाली, ईशमा, कुहू, राका, दिशाना, अन्य पत्नियाँ। देवता, हिमवान, विन्ध्य, अनेक शिखरों से सुशोभित मेरुगिरि, अपने अनुचरों सहित ऐरावत, काल, काष्ठ, मास, पक्ष, ऋतु, रात, दिन, उच्चैःश्रवा, घोड़ों में श्रेष्ठ, राजा वासुकी, अरुण, गरुड़, औषधियों से युक्त वृक्ष, भगवान धर्मदेव, काल, यम, मृत्यु और यम के अनुयायी- ये सभी एक साथ वहाँ पहुँचे थे। 9-17.
Prajanath! Brahmaji, Pulastya, great ascetic Pulah, Angira, Kashyap, Atri, Marichi, Bhrigu, Kratu, Har, Varun, Manu, Daksh, season, planets, constellations, idolized rivers, idolized Sanatan Vedas, sea, lakes, various types of pilgrimages, earth, heaven, direction, trees, goddess Aditi, Hari, Shri, Swaha, Saraswati, Uma, Shachi, Siniwali, Ishma, Kuhu, Raka, Dhishana, other wives of the gods, Himavan, Vindhya, Merugiri adorned with many peaks, Airavat with his attendants, Kala, Kashtha, month, Paksha, season, night, day, Ucchaishrava, the best among horses, King Vasuki, Arun, Garuda, trees with medicines, Lord Dharmadev, Kaal, Yama, death and Yama's followers-these All of them had arrived there together. 9-17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥