Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.45.87: कुछ ज़हरीले साँप जैसे दिख रहे थे। कुछ ने फटे-पुराने कपड़े पहने थे और कुछ के चेहरे गाय के नथुनों जैसे लग रहे थे। कुछ के पेट बहुत बड़े थे और कुछ बेहद दुबले-पतले थे। कुछ बहुत दुबले-पतले थे और कुछ बेहद मोटे लग रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन  »  श्लोक 87
 
 
श्लोक  9.45.87 
आशीविषाश्चीरधरा गोनासावदनास्तथा।
स्थूलोदरा: कृशाङ्गाश्च स्थूलाङ्गाश्च कृशोदरा:॥ ८७॥
 
 
अनुवाद
कुछ ज़हरीले साँप जैसे दिख रहे थे। कुछ ने फटे-पुराने कपड़े पहने थे और कुछ के चेहरे गाय के नथुनों जैसे लग रहे थे। कुछ के पेट बहुत बड़े थे और कुछ बेहद दुबले-पतले थे। कुछ बहुत दुबले-पतले थे और कुछ बेहद मोटे लग रहे थे।
 
Some looked like poisonous snakes. Some wore rags and some had faces that looked like the nostrils of a cow. Some had very big bellies and some were extremely skinny. Some were very thin and some looked extremely obese.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)