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mahabharat 9.45.84: भारत! कुछ पार्षदों के मुख गाय, गधे, ऊँट और बनबिलाव के समान थे। कुछ के पेट, पैर और शरीर के अन्य अंग विशाल थे। उनकी आँखें तारों के समान चमक रही थीं। 84।   |   mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.45.84 
गोखरोष्ट्रमुखाश्चान्ये वृषदंशमुखास्तथा।
महाजठरपादाङ्गास्तारकाक्षाश्च भारत॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
भारत! कुछ पार्षदों के मुख गाय, गधे, ऊँट और बनबिलाव के समान थे। कुछ के पेट, पैर और शरीर के अन्य अंग विशाल थे। उनकी आँखें तारों के समान चमक रही थीं। 84।
 
Bharat! Some of the councillors had faces like those of a cow, donkey, camel and lynx. Some had huge stomachs, legs and other body parts. Their eyes shone like stars. 84.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)