श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  9.45.82 
मत्स्यमेषाननाश्चान्ये अजाविमहिषानना:।
ऋक्षशार्दूलवक्त्राश्च द्वीपिसिंहाननास्तथा॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
कुछ के चेहरे मछली, मेढ़े, बकरी, भेड़, भैंस, भालू, बाघ, भेड़िये और शेर जैसे थे। 82.
 
Some had faces like those of fish, rams, goats, sheep, buffalos, bears, tigers, wolves and lions. 82.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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