Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.45.56-76: शंकुकर्ण, निकुंभ, पद्म, कुमुद, अनंत, द्वादशभुज, कृष्ण, उपकृष्ण, घरानश्रवा, कपिश्ंध, कंचनाक्ष, जालंधम, अक्ष, संतर्जन, कुंडिक, तमोअंतकृत, एकाक्ष, द्वादशक्ष, एकजात, प्रभु, सहस्रबाहु, विकट, व्याघ्राक्ष, क्षितिकम्पन, पुण्यनाम, सुनामा, सुचक्र, प्रियदर्शन, परिश्रुत, कोकणाद, प्रियमाल्यानुलेपन, अजोदर, गजशिरा, स्कंधक्ष, शतलोचन, ज्वालाजिह्व, करालक्ष, शितिकेश, जति, हरि, परिश्रुत, कोकनाद, कृष्णकेश, जटाधर, चतुर्दन्ष्ट्र, अष्टजिह्व, मेघनाद, पृथुश्रवा, विद्युताक्ष, धनुर्वक्त्र, जठर, मरुताशं, उदाराक्ष, रथाक्ष, वज्रनाभ, वसुप्रभ, समुद्रवेग, शैलकंपि, वृष, मेष, प्रवाह, नंद, उपनंद, धूम्र, श्वेत, कलिंग, सिद्धार्थ, वरद, प्रियक, नंद, प्रतापी गोनंद, आनंद, प्रमोद, स्वस्तिक, ध्रुवक, क्षेमवाह, सुवाह, सिद्धपात्र, गोवराज, कनकपीड, महापरिश्वर, गायन, हसन, बाण, पराक्रमी। खड्ग, वैतालि, गतितालि, कथक, वाटिक, हंसज, पंकदिग्धंग, समुद्रोनमदन, रणोत्कट, प्रहस, श्वेतसिद्ध, नंदन, कालकंठ, प्रभास, कुम्भंडकोडर, कलाक्ष, सीत, भूतमथन, यज्ञवाह, सुवाह, देव्याजी, सोमपा, मज्जन, महातेज, क्रथ, क्रथ, तुहर, तुहर, पराक्रमी चित्रदेव, मधुर, सुप्रसाद, किरीटी, महाबल, वत्सल, मधुवर्ण, कलशोदर, धर्मद, मन्मथकर, शक्तिशाली सुस्थिवक्त्र, श्वेतवक्त्र, सुवक्त्र, चारुवक्त्र, पांडुर, दण्डबाहु, सुबाहु, राज, कोकिलक, अचल, कनकक्ष, बालास्वामी, संचारक, कोकणाद, गृध्रपात्र, जम्बूक, लौहवक्त्र, अजवक्त्र, जावन, कुंभवक्त्र, कुंभक, स्वर्णग्रीव, कृष्णौजा, हंसवक्त्र, चंद्रभ, पाणिकुर्च, शंबूक, पंचवक्त्र, शिक्षक, चापवक्त्र, जम्बूक, शाकवक्त्र और कुंजल। 56-76॥ | mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह