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उच्छृङ्गं चातिशृङ्गं च महापाषाणयोधिनौ॥ ४९॥
प्रददावग्निपुत्राय विन्ध्य: पारिषदावुभौ।
अनुवाद
विन्ध्य पर्वत ने अग्निकुमार को दो पार्षद भी दिए, जिनके नाम थे उच्चृंग और अतिश्रृंग। वे दोनों ही बड़ी-बड़ी चट्टानों से लड़ने में कुशल थे।
Vindhya mountain also gave two councillors to Agnikumar, whose names were Ucchhring and Atishring. Both of them were skilled in fighting with big rocks.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥