Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.45.25-26: राजेन्द्र! वहाँ पर महाप्रतापी भगवान शंकर ने स्कन्द को एक महान् दैत्य समर्पित किया, जो सैकड़ों मायाओं से युक्त था, इच्छानुसार बल और पराक्रम से युक्त था और दैत्यों का संहार करने में समर्थ था ॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेन्द्र! वहाँ पर महाप्रतापी भगवान शंकर ने स्कन्द को एक महान् दैत्य समर्पित किया, जो सैकड़ों मायाओं से युक्त था, इच्छानुसार बल और पराक्रम से युक्त था और दैत्यों का संहार करने में समर्थ था ॥25-26॥
Rajendra! Then there, the illustrious Lord Shankar dedicated a great demon to Skanda, who possessed hundreds of illusions, was endowed with power and might as per his wish and was capable of killing demons. 25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥