Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.45.20-21: नरेश्वर! देवतागण हर्ष से भरकर सात सरस्वती नदियों के जल से भरे हुए, पवित्र एवं दिव्य जल से युक्त तथा दिव्य द्रव्यों से युक्त स्वर्ण कलशों द्वारा भयंकर दैत्यराज कार्तिकेय का सेनापति पद पर अभिषेक करने लगे॥20-21॥ | mahabharat अध्याय 9.45: स्कन्दका अभिषेक और उनके महापार्षदोंके नाम, रूप आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर! देवतागण हर्ष से भरकर सात सरस्वती नदियों के जल से भरे हुए, पवित्र एवं दिव्य जल से युक्त तथा दिव्य द्रव्यों से युक्त स्वर्ण कलशों द्वारा भयंकर दैत्यराज कार्तिकेय का सेनापति पद पर अभिषेक करने लगे॥20-21॥
Nareshwar! The gods, filled with joy, started anointing the fearsome demon king Kartikeya to the post of commander with golden urns filled with the waters of the seven Saraswati rivers, filled with sacred and divine waters and filled with divine materials. 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥