Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.44.45: हे प्रभु! हमें प्रसन्न करने के लिए इस बालक को इसकी इच्छानुसार कुछ अधिकार प्रदान कीजिए। ॥45॥   |   mahabharat अध्याय 9.44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी  »  श्लोक 45
 
 
श्लोक  9.44.45 
अस्य बालस्य भगवन्नाधिपत्यं यथेप्सितम्।
अस्मत्प्रियार्थं देवेश सदृशं दातुमर्हसि॥ ४५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! हमें प्रसन्न करने के लिए इस बालक को इसकी इच्छानुसार कुछ अधिकार प्रदान कीजिए। ॥45॥
 
O Lord! To please us, please grant this boy some authority as per his wish.' ॥ 45॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)