श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  9.44.43 
ततो रुद्रश्च देवी च पावकश्च पितामहम्।
गङ्गया सहिता: सर्वे प्रणिपेतुर्जगत‍्पतिम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर भगवान रूद्र, देवी पार्वती, अग्निदेव तथा गंगाजी- इन सभी ने मिलकर लोकनाथ ब्रह्माजी को प्रणाम किया। 43॥
 
Thereafter, Lord Rudra, Goddess Parvati, Agnidev and Gangaji – all of them together bowed to Loknath Brahmaji. 43॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd