Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.44.37-38h: तत्पश्चात्, शक्तिशाली भगवान स्कंद क्षण भर में चार रूपों में प्रकट हुए। तत्पश्चात् जो मूर्तियाँ प्रकट हुईं, उनके नाम क्रमशः शाख, विशाख और नैगमाया रखे गए। | mahabharat अध्याय 9.44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततोऽभवच्चतुर्मूर्ति: क्षणेन भगवान् प्रभु:॥ ३७॥
तस्य शाखो विशाखश्च नैगमेयश्च पृष्ठत:।
अनुवाद
तत्पश्चात्, शक्तिशाली भगवान स्कंद क्षण भर में चार रूपों में प्रकट हुए। तत्पश्चात् जो मूर्तियाँ प्रकट हुईं, उनके नाम क्रमशः शाख, विशाख और नैगमाया रखे गए।
Thereafter, the powerful Lord Skanda appeared in four forms in a moment. The idols that appeared later were named Shaakh, Vishaakh and Naigamaya respectively.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥