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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  9.44.33-34h 
स तु बालोऽपि बलवान् महायोगबलान्वित:॥ ३३॥
अभ्याजगाम देवेशं शूलहस्तं पिनाकिनम्।
 
 
अनुवाद
बालक होने पर भी शक्तिशाली, महान योगशक्ति से संपन्न कुमार त्रिशूल और पिनाक धारण करके समस्त देवों के स्वामी भगवान शिव की ओर बढ़े। 33 1/2
 
Powerful even though a child, endowed with great yogic powers, Kumara, wielding the trident and Pinaka, moved towards Lord Shiva, the lord of all gods. 33 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)