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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  9.44.28 
केचिच्छैलाम्बुदप्रख्याश्चक्रोद्यतगदायुधा:।
केचिदञ्जनपुञ्जाभा: केचिच्छ्वेताचलप्रभा:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उनमें से कई बादलों और पहाड़ों जैसे लग रहे थे। उनके हाथों में चक्र और गदा जैसे हथियार थे। कुछ आँखों के लाइनर की तरह काले थे और कुछ सफ़ेद पहाड़ की तरह गौरी कांति से सुशोभित थे।
 
Many of them looked like clouds and mountains. They held weapons like discus and mace in their hands. Some were black like the eye-liner and some were decorated with fair radiance like the white mountain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)