Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.44.25-26: उनमें से कुछ के मुख बाघ और सिंह के समान थे, कुछ के भालू, बिल्ली और मगरमच्छ के समान थे। कुछ के मुख बनबिलाव के समान थे। कुछ के मुख हाथी, ऊँट और उल्लुओं के समान थे। कई गिद्ध और सियार के समान थे। कुछ के मुख सारस, कबूतर और बनबिलाव के समान थे।॥25-26॥ | mahabharat अध्याय 9.44: कुमार कार्तिकेयका प्राकट्य और उनके अभिषेककी तैयारी । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनमें से कुछ के मुख बाघ और सिंह के समान थे, कुछ के भालू, बिल्ली और मगरमच्छ के समान थे। कुछ के मुख बनबिलाव के समान थे। कुछ के मुख हाथी, ऊँट और उल्लुओं के समान थे। कई गिद्ध और सियार के समान थे। कुछ के मुख सारस, कबूतर और बनबिलाव के समान थे।॥25-26॥
Some of them had faces like tigers and lions, some like bears, cats and crocodiles. Some had faces like those of lynxes. Some had faces like those of elephants, camels and owls. Many looked like vultures and jackals. Some had faces like those of cranes, pigeons and lynxes.॥25-26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥