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mahabharat 9.43.24: "अतः हे श्रेष्ठ ब्राह्मणों, कृपया हमें यहीं बचाइये, क्योंकि आप सम्पूर्ण जगत को बचाने में समर्थ हैं।"   |   mahabharat अध्याय 9.43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  9.43.24 
तत् कुरुध्वमिहास्माकं तारणं द्विजसत्तमा:।
शक्ता भवन्त: सर्वेषां लोकानामपि तारणे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
"अतः हे श्रेष्ठ ब्राह्मणों, कृपया हमें यहीं बचाइये, क्योंकि आप सम्पूर्ण जगत को बचाने में समर्थ हैं।"
 
"Therefore, O great Brahmins, please save us here, because you are capable of saving the entire world."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)