Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.43.18-19: राजन! तत्पश्चात् वे राक्षस भूख से पीड़ित होकर उन सभी दयालु ऋषियों से हाथ जोड़कर बार-बार कहने लगे - 'महात्माओं! हम भूखे हैं। हम सनातन धर्म से भ्रष्ट हो गए हैं।' | mahabharat अध्याय 9.43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! तत्पश्चात् वे राक्षस भूख से पीड़ित होकर उन सभी दयालु ऋषियों से हाथ जोड़कर बार-बार कहने लगे - 'महात्माओं! हम भूखे हैं। हम सनातन धर्म से भ्रष्ट हो गए हैं।'
King! Thereafter those demons suffering from hunger started saying to all those kind sages with folded hands again and again - 'Mahatmas! We are hungry. We have become corrupt from Sanatan Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥