Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.43.17-18h: नदियों में श्रेष्ठ सरस्वती शाप से मुक्त हो गई और पहले जैसी सुन्दर दिखने लगी। सरस्वती का जल उन ऋषियों द्वारा पवित्र कर दिया गया। यह देखकर भूखे राक्षस उन्हीं ऋषियों के पास शरण लेने गए। | mahabharat अध्याय 9.43: ऋषियोंके प्रयत्नसे सरस्वतीके शापकी निवृत्ति, जलकी शुद्धि तथा अरुणासंगममें स्नान करनेसे राक्षसों और इन्द्रका संकटमोचन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नदियों में श्रेष्ठ सरस्वती शाप से मुक्त हो गई और पहले जैसी सुन्दर दिखने लगी। सरस्वती का जल उन ऋषियों द्वारा पवित्र कर दिया गया। यह देखकर भूखे राक्षस उन्हीं ऋषियों के पास शरण लेने गए।
The Saraswati, the best of the rivers, was freed from the curse and began to look as beautiful as before. The water of Saraswati was purified by those sages. Seeing this, the hungry demons went to the same sages for shelter.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥